भारतीय डिजिटल भुगतान व्यवस्था में यूपीआई (Unified Payments Interface) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, और इसके माध्यम से लाखों भारतीय रोजाना ऑनलाइन भुगतान करते हैं। हालांकि, 1 अप्रैल 2025 से यूपीआई के नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने इन बदलावों का ऐलान किया है, जो Google Pay, PhonePe, Paytm और अन्य प्लेटफार्म्स के उपयोगकर्ताओं पर सीधा असर डालेंगे। इन नियमों का उद्देश्य यूपीआई के उपयोग को और अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाना है।
1. 1 अप्रैल से इन मोबाइल नंबरों पर नहीं चलेगा UPI
1 अप्रैल 2025 से कुछ खास मोबाइल नंबरों पर यूपीआई का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। यह बदलाव उन यूजर्स के लिए है, जिनके नंबर रजिस्टर्ड नहीं हैं या जिनके नंबर को किसी कारणवश यूपीआई सिस्टम से जोड़ने में समस्या आई है। इसका मतलब है कि अगर आपके फोन नंबर को यूपीआई से लिंक नहीं किया गया है, तो आप यूपीआई के माध्यम से पेमेंट नहीं कर सकेंगे।
यह नियम उन उपयोगकर्ताओं के लिए खास है जिनके पास पुराने, अपडेटेड या असंगत मोबाइल नंबर हैं। इसे लेकर बैंक और यूपीआई सेवा प्रदाताओं द्वारा यूजर्स को समय-समय पर सूचित किया जाएगा ताकि वे अपने नंबर को यूपीआई से जोड़ सकें।
2. UPI से पेमेंट लेने पर अब होगी कमाई!
UPI के उपयोगकर्ताओं के लिए एक और बड़ी खबर है। सरकार ने एक नया फैसला लिया है, जिसके तहत अब यूपीआई से पेमेंट प्राप्त करने पर दुकानदारों और व्यापारियों को कमाई होगी। सरकार ने UPI ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए एक नई इंसेंटिव स्कीम लॉन्च करने की योजना बनाई है।
इस स्कीम के तहत, व्यापारी जो UPI पेमेंट स्वीकार करेंगे, उन्हें हर ट्रांजेक्शन पर एक निर्धारित राशि मिलेगी। यह कदम छोटे और मझोले व्यापारियों को प्रोत्साहित करेगा और यूपीआई के माध्यम से होने वाले लेन-देन को बढ़ावा देगा।
3. QR कोड पर मिलेगा ज्यादा जोर, UPI फ्रॉड के कारण हटेगा एक बड़ा फीचर
यूपीआई फ्रॉड के कारण अब कुछ पुराने फीचर्स हटाए जा सकते हैं। खासकर, UPI पेमेंट्स में होने वाले फ्रॉड और धोखाधड़ी को रोकने के लिए अब QR कोड को और भी बढ़ावा दिया जाएगा।
QR कोड एक सुरक्षित और विश्वसनीय तरीका बन गया है, जिससे ग्राहक और व्यापारी बिना किसी रुकावट के भुगतान कर सकते हैं। इसे लेकर NPCI और RBI ने यह निर्णय लिया है कि सभी यूपीआई पेमेंट्स में अब QR कोड की अनिवार्यता बढ़ाई जाएगी और पुराने पेमेंट तरीके हटा दिए जाएंगे। इससे यूजर्स को एक सुरक्षित लेन-देन का अनुभव होगा।
4. कतर में UPI की लॉन्चिंग, यूपीआई इंटरनेशनल की दिशा में बड़ा कदम
भारत में डिजिटल भुगतान प्रणाली के विकास को ध्यान में रखते हुए, यूपीआई अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार कर रहा है। कतर में अब यूपीआई को पूरी तरह से लॉन्च किया जा रहा है, जैसा कि भारतीय राजदूत विपुल ने बताया। इस फैसले से कतर में रहने वाले भारतीयों और वहां के व्यवसायों को आसानी से यूपीआई के माध्यम से पेमेंट करने की सुविधा मिलेगी।
यह कदम भारत की डिजिटल भुगतान नीति को एक नई दिशा देने के लिए है, क्योंकि इससे भारतीयों को विदेशों में यूपीआई पेमेंट्स का उपयोग करने का मौका मिलेगा, और साथ ही कतर के स्थानीय व्यवसाय भी इस तकनीक का लाभ उठा सकेंगे।
5. UPI इंसेंटिव स्कीम को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट ने UPI ट्रांजेक्शन के लिए एक इंसेंटिव स्कीम को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत दुकानदारों और व्यापारियों को हर ट्रांजेक्शन पर ₹3 तक का इंसेंटिव मिलेगा। यह योजना एक साल के लिए लागू होगी और इस स्कीम के तहत 2,000 रुपये के हर ट्रांजेक्शन पर व्यापारी को ₹3 मिलेगा।
सरकार ने इस स्कीम के लिए 1,500 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है, जो व्यापारी और छोटे दुकानदारों के लिए एक बड़ा फायदा साबित हो सकता है। यह कदम डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के लिए है।
6. UPI ट्रांजेक्शन पर मिलेगा प्रोत्साहन राशि
अब एक और बड़ी खुशखबरी है कि यूपीआई ट्रांजेक्शन के लिए अब प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। महाराष्ट्र में इस दिशा में हाईवे पर भी व्यवस्था बनाई जाएगी, जिससे दुकानदारों को डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त राशि प्राप्त हो सकेगी।
यह निर्णय न केवल व्यापारियों के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि यह भारत में डिजिटल लेन-देन को और भी बढ़ावा देगा।
7. UPI और रुपे डेबिट कार्ड से भुगतान पर मर्चेंट शुल्क
एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब बड़े व्यापारियों के लिए UPI-रुपे डेबिट कार्ड से भुगतान करना निशुल्क नहीं होगा। इस पर मर्चेंट शुल्क लगाया जा सकता है। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि बड़े व्यापारियों को अतिरिक्त शुल्क का बोझ न पड़े और छोटे व्यापारियों को UPI के माध्यम से अधिक पेमेंट्स मिलें।
इससे व्यापारियों को एक स्थिर आर्थिक संरचना मिलेगी और वे अपने व्यवसाय को बेहतर ढंग से चला सकेंगे।
निष्कर्ष
1 अप्रैल 2025 से यूपीआई के नए नियमों में कई बड़े बदलाव आएंगे, जो उपयोगकर्ताओं के लिए एक नई डिजिटल पेमेंट प्रणाली को जन्म देंगे। ये बदलाव न केवल भारत के अंदर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यूपीआई को एक प्रभावी और सुरक्षित पेमेंट तरीका बनाएंगे। ग्राहकों और व्यापारियों के लिए यह बदलाव फायदेमंद साबित होंगे, लेकिन इसके लिए सभी को समय रहते तैयार होना होगा।